आपने देखा ...

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2013

तेरे बहाने मैं भी मुस्करा लेता हूँ
वर्ना रोने के सिवा मुझे आता क्या है
सच्चाई इन आंसुओ से पूछो
जो भूले से भी मुस्कराया हूँ
तो बह निकले हैं
................आनंद विक्रम ...

2 टिप्‍पणियां:

Reena Maurya ने कहा…

वाह...

Vibha Rani Shrivastava ने कहा…

बहुत खूब !!
एक निवेदन
कृपया निम्नानुसार कमेंट बॉक्स मे से वर्ड वैरिफिकेशन को हटा लें।
इससे आपके पाठकों को कमेन्ट देते समय असुविधा नहीं होगी।
Login-Dashboard-settings-posts and comments-show word verification (NO)