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रविवार, 25 अगस्त 2013

    
                                             
तुम जो आ भर जाते हो
निगाहों के पहुँच में
परेशां दिल को 
सुकून मिल जाता है  
……. आनंद विक्रम

2 टिप्‍पणियां:

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…



तुम जो आ भर जाते हो निगाहों की पहुंच में ...

वाह ! फिर साक्षात् आ जाने पर क्या होगा...
:)


vibha rani Shrivastava ने कहा…

God Bless U